Kapalbhati Benefits in Hindi, Kapalbhati Pranayam Kaise Kare
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कपालभाति प्राणायाम के फायदे और करने का तरीका | Kapalbhati Benefits in Hindi

Kapalbhati Benefits in Hindi (कपालभाति प्राणायाम के फायदे) – भागदौड़ भरी जीवनशैली के चलते ज्यादातर लोगों की लाइफ काफी व्यस्त हो गयी है. घर और ऑफिस के काम की वजह से हम शारीरिक और मानसिक रूप से थकान महसूस करते है. यदि आप व्यस्त दिनचर्या में अपने शरीर और मन को शांत रखना चाहते हैं, तो इसके लिए योग अच्छा विकल्प है. शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए भी योग लाभकारी है. आज इस लेख में हम आपको कपालभाति प्राणायाम के फायदे (Benefits of Kapalbhati in Hindi) और कपालभाति प्राणायाम कैसे करे (Kapalbhati Pranayam Kaise Kare) के बारे में बताने वाले है.

Kapalbhati Benefits in Hindi, Kapalbhati Pranayam Kaise Kare

कपालभाति प्राणायाम के फायदे | Kapalbhati Benefits in Hindi

टॉक्सिन्स को बाहर निकाले – कपालभाति प्राणायाम करने से शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में सहायता मिल सकती है.

लिवर और किडनी के लिए – कपालभाति प्राणायाम की मदद से हमारी किडनी और लिवर बेहतर काम करते है. साथ ही फेफड़ों का फंक्शन भी अच्छा हो जाता है.

स्फूर्ति – इस प्राणायाम को करने से थकान कम होती है और बॉडी में स्फूर्ति बनी रहती है.

ब्लड सर्कुलेशन – इस प्रणायाम को करने से ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है और शरीर का मेटाबॉलिज्म अच्छा होता है. ब्लड सर्कुलेशन ठीक होने की वजह से दिमाग अच्छी तरह काम करता है. इसके नियमित अभ्यास से स्मरण शक्ति और दिमाग तेज होता है.

काले घेरे – इसकी मदद से हमें आंखों के नीचे के काले घेरों को भी ठीक करने में मदद मिलती है.

झड़ते बालों के लिए – आप झड़ते बालों की समस्या से राहत पाने के लिए कपालभाति प्राणायाम की मदद ले सकते है.

वजन कम करे – कपालभाति प्राणायाम की मदद से वजन घटाने में भी सहायता मिल सकती है. साथ ही आपको अपनी डाइट का भी खास ध्यान रखना होगा.

कब्ज, गैस, एसिडिटी – कपालभाति प्राणायाम के नियमित अभ्‍यास से कब्ज, गैस, एसिडिटी जैसी पेट से जुडी समस्याएं दूर होती है.

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कपालभाति योग कैसे करे | How to Do Kapalbhati Pranayama in Hindi

कपालभाती प्राणायाम को करने के लिए सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठकर सांसों को बाहर छोड़ने की क्रिया करें. सांसों को बाहर छोड़ते समय पेट को अंदर की तरफ धक्का देना होता है. ध्यान रखें कि सांस लेना नहीं है क्योंकि उक्त क्रिया में सांस अपने आप ही अंदर चली जाती है.

इसको करते समय मूल आधार चक्र पर ध्यान केंद्रित करना होता है. इससे मूल आधार चक्र जाग्रत होकर कुं‍डलिनी शक्ति जागृत होने में सहायता मिलती है. कपालभाती प्राणायाम को करते समय ऐसा सोचे कि बॉडी के सारे नकारात्‍मक तत्व बॉडी से बाहर जा रहे हैं.

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सावधानियां

  • अगर आप पहली बार योग कर रहे हैं तो किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें.
  • कपालभाती सभी लोग कर सकते हैं, परन्तु जिन लोगों को सांस से जुडी समस्‍या हो उन्हें चिकित्‍सक की सलाह के बाद ही यह आसन करना चाहिए.
  • कपालभाति करने के कुछ देर पहले और बाद में कुछ खाए-पिएं नहीं.
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