Bawaseer Ka Ilaj, Piles Ka Ilaj, Treatment of Piles in Hindi
Home Remedies Treatment

बवासीर का इलाज के 9 उपाय | Bawaseer Ka Ilaj

Bawaseer Ka Ilaj (Piles Treatment in Hindi) – बवासीर यानि पाइल्स एक बहुत ही पीड़ादायक रोग है. अक्सर लोग इसके बारे में बात करते हुए झिझकते है यहाँ तक की डॉक्टर को बताने में भी लोग शर्म महसूस करते है. ज्यादातर लोगो को पचास की उम्र पार करने के बाद पाइल्स की शिकायत हो जाती है. मलाशय के आसपास की नसों की सूजन के कारण बवासीर होती है. बवासीर में पीड़ित व्यक्ति को काफी तेज दर्द होता है. आज हम आपको piles treatment at home in hindi | Piles Ka Ilaj के बारे में बताने वाले है.

Bawaseer Ka Ilaj, Piles Ka Ilaj, Treatment of Piles in Hindi

बवासीर के प्रकार | Types of Piles in Hindi

बवासीर दो प्रकार की होती है. बाहरी और अंदरूनी. बाहरी बवासीर में सूजन गुदा के बाहर दिखती है जबकि अंदरूनी बवासीर में सूजन दिखाई नहीं देती लेकिन महसूस होती है.

बवासीर के लक्षण | Symptoms of Piles in Hindi | bawasir ke lakshan

मल त्यागते समय रक्त का आना

गुदा वाले हिस्से में खुजली का होना

गुदा के पास मस्से, सूजन या गांठ का होना

गुदा से बलगम जैसा स्राव निकलना

बवासीर के कारण | Bawaseer Kaise Hota Hai | Piles Causes in Hindi

आनुवंशिकता – आनुवांशिक कारणों से भी कुछ लोगों को बवासीर की समस्या हो सकती है.

कब्ज – कब्ज की वजह से भी बवासीर की शिकायत हो सकती है. कब्ज के कारण मल का त्याग करते वक़्त ज़ोर लगने की वजह से गुदा की नसों के पास दबाव पड़ने के कारण बवासीर होता है.

यह भी पढ़ें : आँखों की देखभाल कैसे करे

ज्यादा देर खड़ा होना या बैठना – ज्यादा देर खड़े होने या फिर बैठने के कारण भी बवासीर की समस्या हो सकती है. इसके अलावा ज्यादा वजन उठाने से भी बवासीर हो सकती है. वजन उठाते समय सांस रोकने से गुदा पर शारीरिक तनाव पड़ता है. लम्बे समय तक ऐसा करने से बवासीर की शुरुआत हो सकती है.

बवासीर से बचाव | Prevention of Piles in Hindi

अपनी जीवनशैली में बदलाव करके बवासीर जैसी बीमारी से बचा जा सकता है. बवासीर से बचने के लिए मल को नरम बनाए रखें ताकि मैल बाहर आते समय कोई परेशानी न हो. इसके लिए आपको फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए.

यह भी पढ़ें : अश्वगंधा के 7 फायदे

रोजाना मल त्यागे – अगर आप समय पर मल त्याग नहीं करते तो आपका मल सूखा और सख्त बनने लगता है. जब मल सख्त हो जाता है तो इसे बाहर आते समय परेशानी होती है. और गुदा की नसों पर जोर पड़ता है. इसके अलावा भरपूर मात्रा में पानी पिए. पानी-पीने से मल नरम होता है और इसको बाहर आने में समस्या नहीं होती.

एक्सरसाइज करे – एक्सरसाइज करना हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है ये हम सब जानते है लेकिन फिर भी कुछ लोग एक्सरसाइज करने से जी चुराते है. शारीरिक रूप से गतिशील रहने से मल त्यागने में आसानी होती है. इसके अलावा एक जगह पर लगातार न बैठें रहे हर एक घंटे से दो घंटे के बीच में थोड़ी देर घूमे.

बवासीर का इलाज | Treatment of Piles in Hindi

Bawaseer Ka Gharelu Upchar बवासीर सुनने में तो एक आम समस्या लगती है लेकिन ये बहुत ज्यादा पीड़ादायक होती है. ऐसे में घरेलू नुस्खों को अपनाकर आप बवासीर से राहत पा सकते है. नीचे हमने बवासीर से राहत पाने के लिए घरेलू नुस्खे बताए है जिनकी मदद से आपको बवासीर से राहत मिल सकती है.

फाइबर युक्त आहार का सेवन करें | Fiber Rich Foods for Piles in Hindi

फाइबर युक्त आहार पाचन क्रिया के लिए अच्छा होता है. अपनी डाइट में हरी सब्जियां, साबुत अनाज और फलों को शामिल करे.

छाछ और जीरा का सेवन है फायदेमंद | Buttermilk and Cumin Seeds for Piles in Hindi

छाछ बवासीर के मस्सों को दूर करने के लिए लाभकारी है. 2 लीटर छाछ लेकर उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और स्वादानुसार नमक मिला ले. जब भी आपको प्यास लगे आप इसका सेवन करें.

तिल और मक्खन दिलाये बवासीर से राहत | Sesame and Butter for Piles in Hindi

यदि किसी को खूनी बवासीर है तो खून रोकने के लिए दस ग्राम धुले हुए काले तिल को 1 ग्राम ताजे मक्खन के साथ ले. इससे खून आना बंद हो जायेगा.

आंवला बवासीर के लिए फायदेमंद | Amla Se Bawaseer Ka Ilaj

पेट के लिए आंवले को बहुत फायदेमंद माना जाता है. आंवला शरीर में आरोग्य शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है. बवासीर होने पर आंवले के चूर्ण को शहद के साथ पीने से फायदा होता है.

यह भी पढ़ें : आंवला खाने के 14 फायदे

हल्दी से बवासीर का इलाज | Haldi Se Bawaseer Ka Ilaj

1 चम्मच पीसी हुई हल्दी को आधे चम्मच एलो वेरा जेल में अच्छे से मिलाकर पेस्ट बना ले. रात को सोने से पहले इस पेस्ट को मलद्वार के बाहर वाले हिस्से तथा अंदरूनी हिस्से पर लगाये. इस प्रक्रिया को 1 सप्ताह तक दोहराए. इससे बवासीर से राहत मिलेगी.

इसके अलावा आप चाहें तो आधा चम्मच हल्दी को 1 चमच देसी घी में मिलाकर इसका पेस्ट बना ले. सोने से पहले इस पेस्ट को अपने गुदा के बहरी तथा अंदरूनी हिस्से पर लगाये. कुछ दिनों तक ऐसा करने से बवासीर से राहत मिलेगी.

बवासीर का इलाज है एलोवेरा | Aloe Vera for Piles in Hindi

एलो वेरा का इस्तेमाल करके भी आप बवासीर से राहत पा सकते है. इसके लिए आपको एलो वेरा की पत्तियों से जेल निकालना है और इसको बवासीर यानि पाइल्स वाली जहग में बाहर की तरफ लगाना है. दिन में दो से तीन बार इस जेल को लगा सकते है. जिन लोगो को एलो वेरा जेल से एलर्जी है वो इसका इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के न करे.

गर्म पानी से नहाना | Bawaseer Ka Ilaj Garam Pani Se

गर्म पानी से नहाने से पाइल्स यानि बवासीर से राहत मिलती है. इसकी मदद से खुजली तथा सूजन कम होती है.

बवासीर की दवा | Bawaseer Ki Dawa in Hindi

यदि बवासीर स्टेज 1 या 2 की हो तो दवा की मदद से बवासीर का इलाज किया जा सकता है. Faktu और Anovate बवासीर पर लगाने वाली दवाई है. लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओ का न लगाये.

बिना सर्जरी के बवासीर का इलाज | Piles Treatment Without Surgery in Hindi

सही समय पर बवासीर की जांच हो जाने पर इसका इलाज इंजेक्शन, दवाओं या बैंडिंग की मदद से हो जाता है. लेकिन ज्यादा देर हो जाने पर इसकी सर्जरी करवानी पड़ सकती है.

ये थे बवासीर के उपाय (Bawaseer Ka Gharelu Upay) जिनकी मदद से आपको बवासीर से राहत मिलेगी. उम्मीद है आपको बवासीर के इलाज के ऊपर ये जानकारी पसंद आई होगी.

myhealthhindi
myhealthhindi.com पर दी हुई संपूर्ण जानकारी केवल पाठकों की जानकारी के लिए दी गयी हैं। इस स्वास्थ्य से सम्बंधित ब्लॉग का उद्देश आपको स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और स्वास्थ्य से जुडी जानकारी प्रदान करना हैं। हमारा आपसे निवेदन हैं की किसी भी सलाह को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *