Bargad Ke Ped Ke Fayde
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बरगद के पेड़ के 8 बड़े फायदे | Bargad Ke Ped Ke Fayde

Bargad Ke Ped Ke Fayde (बरगद के पेड़ के फायदे) – बरगद विशाल वृक्ष होता है. इसका वैज्ञानिक नाम फाइकस बेंगालेंसिस (Ficus Benghalensis) है. धार्मिक तौर पर तो यह पूजनीय है ही, साथ ही अपने औषधीय गुणों की वजह से यह कई शारीरिक समस्याओं को दूर करने में भी मददगार है. इसी वजह से सालों से इसका उपयोग आयुर्वेदिक दवा में किया जा रहा है. इस लेख में हम आपको बरगद के पेड़ के फायदों के बारे में बता रहे हैं. Benefits of Banyan Tree in Hindi

Bargad Ke Ped Ke Fayde

बरगद के पेड़ के फायदे | Bargad Ke Ped Ke Fayde

ओरल हेल्थ के लिए – बरगद के पेड़ में पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल ओरल हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद कर सकते है. यह दांतों और मसूड़ों में बैक्टीरिया की समस्या और सूजन की स्थिति को दूर करने में सहायता कर सकते हैं. दांतों को साफ करने के लिए आप इसके नरम तनों का उपयोग दातून के तौर पर कर सकते हैं.

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अधिक नींद आना – बरगद के कड़े हरे शुष्क पत्तों के दस ग्राम चूर्ण को 1 लीटर पानी में तब तक पकायें, जब तक यह चौथाई न बच जाए. उसके बाद इसमें चुटकी भर नमक मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से आलस्य और नींद अधिक आने की परेशानी से आराम मिलता है.

डायबिटीज – डायबिटीज के लिए भी बरगद का पेड़ लाभकारी हो सकता है. इसकी जड़ में हाइपोग्लाइसेमिक (ब्लड शुगर को कम करने वाला) प्रभाव पाया जाता है. डायबिटीज की समस्या से आराम पाने के लिए बरगद के पेड़ की जड़ का अर्क पीने की सलाह दी जाती है.

डायरिया – बरगद के पेड़ से निकलने वाले दूध में रेजिन, एल्ब्यूमिन, सेरिन, शुगर और मैलिक एसिड जैसे तत्व मौजूद होते हैं. ये तत्व संयुक्त रूप से डायरिया, डिसेंट्री और बवासीर में फायदेमंद माने जाते हैं.

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चोट लगने पर – बरगद के दूध को चोट, मोच और सूजन पर दिन में 2-3 बार लगाने और मालिश करने से आराम मिलता है. अगर कोई खुली चोट है तो इसके दूध में हल्दी मिलाकर चोट वाली जगह बांधे. घाव जल्दी भर जाएगा.

आग से जल जाना – अगर शरीर का कोई हिस्सा जल जाता है तो बरगद का पेड़ उसमें भी राहत दिला सकता है. इसके पत्ते को पीसकर, उसमें जरूरत के हिसाब से दही मिलाये. फिर इस लेप को जले हुए हिस्से पर लगाने से जलन दूर होती है.

कमर दर्द – कमर दर्द में सिकाई करने के बाद बरगद के दूध की मालिश करने से कमर दर्द से कुछ ही दिन में राहत मिलने लगती है. ऐसा दिन में 3 बार करे. इसके अलावा बरगद का दूध अलसी के तेल में मिलाकर मालिश करने से भी कमर दर्द से आराम मिलता है.

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ज्यादा पेशाब आना – सबसे पहले बरगद के पेड़ की छाल को सुखाये और उसका पाउडर बना लें. फिर इसमें से आधा चम्मच पाउडर का एक कप गुनगुने पानी के साथ दिन में 3 से 4 बार सेवन करें. ऐसा लगातार 12-15 दिन तक करने से बार-बार पेशाब आने के रोग में लाभ होगा.

बरगद के पेड़ के नुकसान | Banyan Tree Side Effects in Hindi

  • यदि आप किसी दवा का नियमित उपयोग कर रहे हैं, तो एक बार चिकित्सक से संपर्क करे, ताकि इसका किसी भी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव देखने को न मिले.
  • यदि बरगद की जड़, छाल, पत्तियों और दूध से आपको किसी तरह की एलर्जी होती है, तो इसका इस्तेमाल करना बंद कर दे और चिकित्सक से संपर्क करें.
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